बिहार विधानसभा में मंगलवार को राजद विधायक ललित यादव द्वारा उठाए गए शिक्षा के अधिकार से जुड़े सवाल पर सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने नीतीश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
स्पीकर नंद किशोर यादव ने बार-बार हंगामा कर रहे विधायकों से शांत होने और अपनी सीट पर बैठने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे। गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर सही से नामांकन नहीं होने को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विधायक वेल तक पहुंच गए और टेबल पीटने लगे।नीतीश कुमार ने खुद संभाली स्थितिबढ़ते हंगामे को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुद खड़े होकर हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने नाराज विपक्षी विधायकों से कहा,”अगर कोई समस्या है तो लिखकर दीजिए, हम इसे देखेंगे। मेरे खिलाफ आप जितना चाहें बोल सकते हैं, मैं ताली बजाकर स्वागत करूंगा, लेकिन अगर कोई वास्तविक दिक्कत है, तो हमें बताइए, हम कार्रवाई करेंगे।”हालांकि, सीएम की इस अपील का विपक्षी विधायकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे नारेबाजी जारी रखे रहे। प्रश्नकाल के दौरान भी सदन में शोर-शराबा चलता रहा।
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोबारा खड़े होकर विपक्ष को आश्वस्त करने की कोशिश की। उन्होंने कहा,”शिक्षा के अधिकार अधिनियम को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। हमारी सरकार हमेशा कमजोर वर्गों के हित में काम करती है। पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और जहां भी गड़बड़ी होगी, उसे दूर किया जाएगा।”सीएम ने सदन में ही शिक्षा मंत्री और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम से जुड़ी किसी भी समस्या को तत्काल हल किया जाए।