NEWSPR डेस्क। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब तेजस्वी के मुद्दे पर सफाई देने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि मेरा क्या चरित्र है, लोगों को मालूम हैं. कौन तेजस्वी का एडवाइजर है. कौन इस तरह की बात करता है. समझ से परे है. आगे बढ़ना है, तो कम से कम तेजस्वी को व्यवहार सीखना चाहिए. ऐसी बातों का मतलब नहीं है. ऐसी असत्य बातों की चर्चा नहीं करनी चाहिए. तेजस्वी ने जिस तरह से बातें की वो तो मर्यादाहीन है. सदन की जो परंपरा है. उसके विरुद्ध काम करना ठीक नहीं है.
एक्सप्लेन नहीं किए तो हम हट गए:-
नीतीश कुमार यहीं तक नहीं रुके उन्होंने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि जब इनके घर पर 2015 में रेड पड़ी तो हम सरकार में इनके साथ थे. हमने बस इनलोगों से इतना ही कहा आप एक्सप्लेन कर दीजिए. फिर भी ये लोग नहीं कर सके. मजबूरन हमे बीजेपी के साथ जाना पड़ा. हम तो ये कहने नहीं गए कि वो चार्जशीटेड हैं. हम तो कहते नहीं चलते थे कि आप आरोपी हैं. आपके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए. तेजस्वी को एक मर्यादा का पालन करना चाहिए.
जेल से कैसे फोन हो रहा है:-
नीतीश कुमार ने कहा कि जेल से कैसे लोग फोन कर रहे हैं. सब बात धीरे धीरे सामने आ रही है. जिसको भी लालू यादव फोन कर रहे हैं, लोग अपनी तरफ से बता रहे हैं कि लालू यादव फोन कर रहे हैं. ये सब क्या क्या चल रहा है. NDA में लोग लाख चाहेगा कि लोग इधर से इधर चले जाएं, तो ये संभव नहीं है. ये प्रयास नहीं करना चाहिए.
बहुमत क्या होता है:-
CM ने आगे कहा कि बहुमत क्या होता है उन्हें मालूम नहीं है. बहुमत NDA के पास है. ठीक से काम करना चाहिए. बात करनी चाहिए. लालू यादव का ये कौन सा आचरण है कि वो विधायकों को मंत्री बनाने का प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
गौरतलब है कि शुक्रवार के दिन बिहार विधानसभा में तेजस्वी के आरोपों के बाद CM नीतीश कुमार ने जवाब देते हुए आपा खो दिया, और जमकर तेजस्वी पर बरसने लगें. जिसकी आलोचना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है.
चन्द्रमोहन की रिपोर्ट