गया दौरे पर सीएम सम्राट का सख्त संदेश: अपराधियों को चेतावनी, कहा—गया जी में कर दिया जाएगा पिंडदान

धर्म, विकास और सख्ती के संग—गया से बिहार का नया संदेश

Rashmi Tiwari

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सम्राट चौधरी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर गया पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर और बोधगया स्थित शंकराचार्य मठ में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री के इस दौरे को प्रशासनिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्राट चौधरी ने गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना की
दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर से की, जहां उन्होंने गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने देवघाट सहित अन्य घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बोधगया पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए। भगवान बुद्ध की 2570वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की और राज्य की शांति एवं समृद्धि की कामना की।
शंकराचार्य मठ में संस्कृत संगोष्ठी का उद्घाटन
महाबोधि मंदिर के बाद मुख्यमंत्री शंकराचार्य मठ पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय संगोष्ठी “संस्कृत संचेतना” कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि गया वह पवित्र भूमि है जहां लोग मृत्यु के बाद पिंडदान करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराध छोड़ दें, वरना “गया जी में ही पिंडदान कर दिया जाएगा।”उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अपराध और अराजकता के खिलाफ सख्त है और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मठ-मंदिर भूमि पर कब्जे को लेकर बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने बिहार में मठ और मंदिरों की जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मठ-मंदिर की जमीनों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत बोधगया की धरती से की जाएगी।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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