NEWS PR डेस्क : बिहार की एनडीए सरकार अपने उस बड़े चुनावी वादे को अमल में लाने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है, जिसमें अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया था। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अब युवाओं के रोजगार को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। चुनाव के दौरान अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के वादे को सरकार अब ज़मीनी स्तर पर उतारने की तैयारी में है। इसी कड़ी में आने वाले समय में बिहार के युवाओं के लिए आईटी और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर खुलने की संभावना है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘बिहार वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2026’ को मंजूरी दे दी गई। इस नीति के तहत बिहार में कॉल सेंटर या ग्लोबल क्षमता केंद्र स्थापित करने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को राज्य सरकार आर्थिक प्रोत्साहन देगी। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है, ताकि उन्हें नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
नई नीति के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई वैश्विक कंपनी बिहार में कॉल सेंटर या क्षमता केंद्र की स्थापना करती है, तो सरकार उसके कुल पूंजी निवेश का 30 प्रतिशत अनुदान के रूप में प्रदान करेगी। यह सहायता अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक सीमित होगी। इसके अलावा, यदि कंपनी बिहार के स्थानीय निवासियों को बड़ी संख्या में रोजगार देती है, तो अनुदान की सीमा बढ़ाने का भी प्रावधान रखा गया है। यह प्रोत्साहन केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कार्यालय किराया, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और अन्य परिचालन खर्चों के लिए भी कंपनियों को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।