स्कूली बच्चों के परिवहन में ऑटो-ई रिक्शा पर पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Patna Desk

बिहार में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑटो और ई-रिक्शा के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अत्यधिक सवारियां बैठाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। सभी जिलों में पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर सख्ती से कार्रवाई करेंगे और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।इसके साथ ही, अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को इस आदेश की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि कोई यह न कह सके कि उसे इस नियम के बारे में जानकारी नहीं थी।पटना समेत पूरे राज्य में होगा असरइस आदेश का प्रभाव राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा।

पटना में फिलहाल 4,000 से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा स्कूली बच्चों के परिवहन का कार्य करते हैं। पटना के डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने 21 जनवरी को स्पष्ट किया था कि ऑटो और ई-रिक्शा बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। पटना ट्रैफिक एसपी ने भी इन वाहनों के जरिए स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने को अवैध करार दिया था।नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई1 अप्रैल 2025 के बाद यदि किसी स्कूल वाहन में ऑटो या ई-रिक्शा का उपयोग किया जाता है, तो परिवहन विभाग और यातायात पुलिस सख्त कार्रवाई करेंगे। नियम उल्लंघन करने वाले चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और वाहनों को जब्त किया जा सकता है।

आदेश का कानूनी आधार-

बिहार सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के परिवहन में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। परिवहन विभाग की अधिसूचना संख्या-06/विविध (इं. रिक्शा)-07/2015 के तहत इन वाहनों को स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए अवैध घोषित किया गया है। इस आदेश की जानकारी 21 जनवरी 2025 को समाचार पत्रों में भी प्रकाशित की गई थी।

बिहार पुलिस का कड़ा निर्देश-

सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूलों के बाहर औचक जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि आदेश का पालन हो रहा है। अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को भी इस नियम के बारे में जागरूक किया जाएगा। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का मानना है कि ऑटो और ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब इन वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

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