बिहार में उर्वरक कालाबाजारी पर सख्ती: 115 प्रतिष्ठानों पर FIR, 449 के लाइसेंस रद्द

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 21 मार्च। बिहार सरकार ने उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इस वित्तीय वर्ष में 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि 449 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। कृषि विभाग की ओर से यह सख्त कदम ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उठाया गया है।

राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है।

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में यूरिया 2.45 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.46 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.05 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 0.41 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.03 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार मांग के अनुसार उर्वरकों का उप-आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में कमी की स्थिति न बने। साथ ही उर्वरक दुकानों में पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक का नियमित मिलान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कृषि विभाग ने मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता टीम का गठन किया है, जो शिकायतों के आधार पर लगातार छापेमारी कर रही है। सभी जिलों में जांच दल बनाकर निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय स्थापित कर उर्वरक तस्करी पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार की इस कार्रवाई को किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।

Share This Article