पटना के 7 प्रखंडों में 1 जुलाई से शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई, तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 03 जून। उच्च शिक्षा को गांव और प्रखंड स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पटना जिले के डिग्री कॉलेज विहीन सात प्रखंडों में 1 जुलाई से डिग्री की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार के निर्देश के तहत अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी, खुसरूपुर, मनेर और संपतचक प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।

इस संबंध में जिलाधिकारी पटना ने बुधवार को सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों, नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं, प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’’ संकल्प को साकार करने के लिए यह पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के 211 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में 1 जुलाई से स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू की जा रही है, जिसमें पटना जिले के सात प्रखंड भी शामिल हैं।

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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि फिलहाल इन कॉलेजों का संचालन अस्थायी रूप से चयनित भवनों में किया जाएगा, जहां सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में फर्नीचर, कंप्यूटर, वाई-फाई, शुद्ध पेयजल, आरओ, वाटर कूलर, बिजली, पंखे, कूलर, एसी, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और स्टेशनरी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कॉलेज परिसरों तक पहुंचने वाले मार्गों को भी सुगम बनाने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को भवनों का स्वयं निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का सत्यापन करने का निर्देश दिया।

स्थायी भवनों के निर्माण को लेकर भी प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम पांच एकड़ और शहरी क्षेत्रों में ढाई एकड़ भूमि की पहचान की जा रही है। अपर समाहर्ता और अंचल अधिकारियों को 30 जून तक उपयुक्त भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि 1 जुलाई से सभी सात प्रखंडों में उत्सवी माहौल में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी।

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