NEWS PR डेस्क: पटना के गांधी मैदान में आयोजित “डेस्टिनेशन बिहार एक्सपो 2026” के तीसरे दिन आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास पर केंद्रित व्यापक मंथन हुआ। 26 फरवरी से 2 मार्च तक चल रहे इस मेगा आयोजन ने राज्य की औद्योगिक क्षमता, निवेश संभावनाओं और नीतिगत प्रतिबद्धताओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करते हुए इसे अब तक की सबसे बड़ी उद्योग प्रदर्शनी के रूप में स्थापित किया है।
तीसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया कि बिहार अब औद्योगिक प्रगति के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प बिहार को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में बिहार की सक्रिय भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ लघु, कुटीर और सूक्ष्म उद्योगों को भी समान अवसर और प्रोत्साहन दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य में स्थिर शासन, उद्योग-अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरते क्षेत्रों में बिहार तेजी से संभावनाओं का केंद्र बन रहा है, जो भविष्य की अर्थव्यवस्था में राज्य को सशक्त स्थान दिलाएगा।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और उद्योग विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस एक्सपो का उद्देश्य बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। यह आयोजन निवेशकों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनकर उभरा है, जहां नई साझेदारियों और निवेश प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
एक्सपो के आगामी सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा राज्य की औद्योगिक रणनीति, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और निर्यात संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजन ने यह संकेत दिया है कि बिहार औद्योगिक विकास की दिशा में नई रफ्तार के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।