NEWS PR डेस्क :भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत बाखरपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या-11 में आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-85 की सेविका के निधन के बाद केंद्र को बिना किसी सार्वजनिक सूचना या स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जानकारी के दूसरे केंद्र से संबद्ध (मर्ज) कर दिया गया। इससे वार्ड के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और लाभुकों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र बंद होने के बाद छोटे बच्चों की नियमित पढ़ाई बाधित हो गई है। साथ ही गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार भी समय पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
लाभुक प्रियंका देवी, नीलम देवी, ललिता देवी, बिजली देवी, वंदना कुमारी, अनीता देवी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि पिछले दो महीने से उन्हें पोषण आहार नहीं मिला है। उनका कहना है कि पहले गांव में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता था, लेकिन सेविका के निधन के बाद केंद्र कहां संचालित हो रहा है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। विरोध के बाद पता चला कि पड़ोसी केंद्र की सेविका इस केंद्र का भी प्रभार संभाल रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को नियमित रूप से प्रारंभिक शिक्षा नहीं मिल रही है और न ही उन्हें पोषण आहार एवं पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीण मेनका देवी ने वार्ड संख्या-11 में अलग से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः संचालित करने की मांग की। वहीं वार्ड सदस्य प्रतिनिधि जुलूस तांती ने कहा कि सेविका की मृत्यु के बाद केंद्र को दूसरे स्थान पर संचालित किया जाने लगा, लेकिन इसकी जानकारी स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को नहीं दी गई। उन्होंने वार्ड में अलग केंद्र शुरू करने तथा लंबित पोषण आहार का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने की मांग की।
वहीं, प्रभारी केंद्र सेविका रीता देवी ने बताया कि वार्ड संख्या-11 में केंद्र संचालित करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सहायिका के सहयोग नहीं करने और पंचायत भवन की जर्जर स्थिति के कारण नियमित संचालन में परेशानी हो रही है। पंचायत भवन की मरम्मत होते ही वहां फिर से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
रीता देवी ने यह भी बताया कि विभाग की ओर से पिछले लगभग तीन माह से पोषण आहार की आपूर्ति नहीं हुई है। इसी कारण लाभुकों के बीच वितरण संभव नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वार्ड संख्या-11 में आंगनबाड़ी केंद्र को पुनः शुरू करने, पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित करने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
