डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की परखी गुणवत्ता, चमकी बुखार से निपटने को प्रशासन तैयार

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: मुजफ्फरपुर, 03 मई 2026: मुजफ्फरपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बंदरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल में उपलब्ध एक्स-रे, पैथोलॉजी, दवा वितरण, नेत्र एवं दंत चिकित्सा सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मरीजों से सीधे बातचीत कर फीडबैक भी लिया और निर्देश दिया कि सभी को सरकारी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, केंद्र में करीब 40 प्रकार की पैथोलॉजी जांच नियमित रूप से की जा रही हैं और उनकी रिपोर्ट भी समय पर उपलब्ध कराई जा रही है।

जांच के दौरान यह पाया गया कि निरीक्षण वाले दिन 27 मरीजों का एक्स-रे किया गया, जबकि ईसीजी मशीन भी सुचारू रूप से कार्यरत है। अस्पताल में तीन एंबुलेंस की उपलब्धता भी सुनिश्चित पाई गई। दवा वितरण केंद्र पर मरीजों ने बताया कि उन्हें लगभग 90 प्रकार की दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल चार चिकित्सक कार्यरत हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि वे समयबद्ध और बेहतर इलाज सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। साथ ही उन्होंने साफ-सफाई बनाए रखने और आयुष्मान भारत योजना व रोगी कल्याण समिति के फंड का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के बाद डीएम प्रखंड कार्यालय सभागार में आयोजित चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES)) से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान आशा, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और जीविका समूह की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और शपथ ली कि इस वर्ष भी जिले में एक भी बच्चे की मौत नहीं होने दी जाएगी।

अपने संबोधन में डीएम ने वर्ष 2019 की भयावह स्थिति को याद करते हुए कहा कि उस समय 111 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी, लेकिन लगातार प्रयासों के कारण 2023, 2024 और 2025 में एक भी मौत नहीं हुई। उन्होंने इसे प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।

जिलाधिकारी ने बताया कि AES से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है और अस्पतालों को बेहतर सुविधाओं से लैस किया गया है। साथ ही हर शनिवार पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

उन्होंने निर्देश दिया कि 0 से 15 वर्ष तक के बच्चों की सूची बनाकर उनकी नियमित निगरानी की जाए और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए। मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी वाहनों के साथ-साथ निजी वाहन उपयोग करने पर 400 से 1000 रुपये तक की सहायता राशि भी दी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान सभी कर्मियों ने एक स्वर में नारा लगाया— “हम सब ने ठाना है, चमकी को दूर भगाना है।” यह नारा पूरे कार्यक्रम में संकल्प और प्रतिबद्धता का प्रतीक बना रहा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक AES के 17 मरीज रिपोर्ट हुए हैं, जबकि कुल 27 मामलों की सूचना मिली है। सभी मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है।

अंत में डीएम ने सभी संबंधित कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से इस वर्ष भी “जीरो डेथ” का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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