NEWS PR डेस्क: दरभंगा में संभावित पेयजल संकट को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। इसको लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचल अधिकारियों से पेयजल आपूर्ति, बोरिंग कार्य और किसान पंजीकरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या की आशंका है, वहां बोरिंग का कार्य जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां अभी तक बोरिंग के लिए भूमि चिन्हित नहीं हुई है, वहां शीघ्र जमीन उपलब्ध कराई जाए। यदि सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है तो समन्वय कर वैकल्पिक भूमि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने सहायक अभियंता और कनीय अभियंता के माध्यम से जरूरतमंद क्षेत्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर 10 मार्च तक बोरिंग कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही पेयजल संकट की स्थिति में पहले से टैंकर की व्यवस्था रखने और खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर कराने को कहा।
बैठक में किसान पंजीकरण (फार्मर रजिस्ट्रेशन) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवार और बृहस्पतिवार को राजस्व महा अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक संबंधित पदाधिकारी को 3500-3500 किसानों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य दिया गया है।
उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को किसान पंजीकरण कार्य की नियमित निगरानी करने और किसान सलाहकारों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा। साथ ही अंचल अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्रेशन से जुड़े परिमार्जन आवेदनों और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व महा अभियान के दौरान लंबित आवेदनों का निपटारा, छूटे हुए जमाबंदी मामलों की सुनवाई और जमाबंदी के डिजिटाइजेशन के लिए अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जन संवाद कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता उत्कर्ष भारती सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।