NEWS PR डेस्क: पटना, 12 मई। लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिला स्तर पर संचालित योजनाओं की प्रगति की नियमित जांच की जाए और अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें।
मंगलवार को जल भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि योजनाओं की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर 15 जून तक उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द ही वे स्वयं विभिन्न जिलों में चल रहे विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करेंगे। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होने से सरकार की छवि प्रभावित होती है, इसलिए सभी पदाधिकारियों और अभियंताओं को अपने कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखनी होगी। उन्होंने विभागीय अभियंताओं को नवाचार आधारित योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने का भी निर्देश दिया, ताकि बिहार के विकास को नई दिशा दी जा सके।
मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की और सरकारी नलकूपों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने खराब पड़े नलकूपों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को सिंचाई में परेशानी न हो।

बैठक में विभागीय सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने बताया कि सात निश्चय-3 के तहत अगले पांच वर्षों में 7028 योजनाओं को पूरा करने के लक्ष्य पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं राज्य के सभी 38 जिलों में लागू की जाएंगी।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य निष्पादन में देरी करने वाले ठेकेदारों की पहचान कर जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें अयोग्य घोषित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अभियंता प्रमुख सुनील कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, वार्षिक बजट और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी मंत्री और सचिव को दी। इस दौरान अपर सचिव संगीता सिंह, अपर सचिव सुशांत कुमार सहित विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।