ईओ विमल कुमार हत्याकांड: आरोपी की पत्नी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) डॉ. विमल कुमार हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी और चालक मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी ने अपने पति को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाया है। वहीं, मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है।

मुख्य आरोपी मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी ने अपने पति को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उन्हें पुलिस के दबाव में हत्या का आरोप स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया। आरती देवी का कहना है कि मिथिलेश कुमार ने कभी भी नौकरी से जुड़े किसी तनाव, दबाव या कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार के साथ किसी विवाद की जानकारी परिवार को नहीं दी। उनके अनुसार, दोनों के बीच पेशेवर संबंध सौहार्दपूर्ण थे और उनके पति अक्सर ईओ के व्यवहार, कार्यशैली और सहयोगात्मक रवैये की प्रशंसा किया करते थे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच कराने की मांग की है।
निष्पक्ष जांच की मांग ..
बता दें कि उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके पति परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। गिरफ्तारी के बाद परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिवंगत ईओ डॉ. विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी भी हत्या के पीछे बड़ी साजिश होने का दावा कर चुकी हैं। उन्होंने इस मामले में स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब आरोपी की पत्नी के बयान के बाद इस हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है।
आईजी ने गठित की SIT, सभी पहलुओं की होगी जांच
बिहार सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। जांच टीम को भौतिक, वैज्ञानिक, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मामले के हर पहलू की निष्पक्ष और गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।।

Share This Article