मधुबनी में ऐतिहासिक बलिराजगढ़ उत्खनन कार्य का हुआ शुभारंभ, मिथिला के गौरवशाली अतीत से जुड़ेगा नया अध्याय

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 28 मार्च। मधुबनी जिले के प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ में शनिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), पटना मंडल द्वारा उत्खनन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर झंझारपुर के सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति (परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति) के अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कुदाल चलाकर और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बलिराजगढ़ का उत्खनन मिथिला की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यहां से मिलने वाले पुरातात्विक साक्ष्य न केवल मिथिला के गौरवशाली इतिहास को उजागर करेंगे, बल्कि शोध और अकादमिक अध्ययन के नए आयाम भी स्थापित करेंगे।

उन्होंने बताया कि लगभग 176 एकड़ में फैला बलिराजगढ़ क्षेत्र और इसकी करीब तीन किलोमीटर लंबी चहारदीवारी उस समय की उत्कृष्ट निर्माण क्षमता को दर्शाती है। पूर्व में उत्खनन के दौरान जलस्तर की समस्या सामने आई थी, लेकिन इस बार वैज्ञानिक तरीके से गहराई तक खुदाई कर ऐतिहासिक तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। यदि महत्वपूर्ण अवशेष मिलते हैं, तो उनके संरक्षण के लिए यहां एक विशेष संग्रहालय भी विकसित किया जाएगा।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

सांसद ने उम्मीद जताई कि इस उत्खनन से हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसी ऐतिहासिक सभ्यताओं की तरह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे बलिराजगढ़ देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र कम लागत में अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल ने भी अपने संबोधन में इस पहल पर खुशी जताई और इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।

इस अवसर पर बाबूबरही की विधायक मीना कामत, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, पुरातत्व विभाग के अधीक्षक डॉ. हरिओम शरण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक कुमार ने किया।

बलिराजगढ़ में शुरू हुआ यह उत्खनन कार्य मिथिला के समृद्ध अतीत को उजागर करने के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलने की उम्मीद जगा रहा है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article