आस्था या अंधविश्वास? भागलपुर के मंदिर में बीमार बच्चों का अग्नि अनुष्ठान से इलाज

Patna Desk
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भागलपुर के घंटाघर इलाके में एक मंदिर में पुजारी द्वारा बीमारी के इलाज का ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है जिसे देखकर लोग दंग हैं। दावा किया जा रहा है कि यहां कठिन बीमारियों का इलाज एक अनोखे अंदाज़ में किया जाता है। आइए देखते हैं हमारे संवाददाता आलोक झा की स्पेशल रिपोर्ट यह नजारा है भागलपुर के घंटाघर स्थित एक मंदिर का जहां बीमार बच्चों को कपड़े से ढक दिया जाता है और फिर पुजारी उनके ऊपर आग फेंकते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इस अनोखे तरीके से वर्षों से चली आ रही बीमारियों का इलाज होता है।

पुजारी का दावा है कि यह अग्नि अनुष्ठान एक पारंपरिक विधि है, जिसमें ईश्वर की कृपा और मंत्र शक्ति के जरिये रोगों का नाश होता है। बच्चों को कपड़े में पूरी तरह लपेटा जाता है ताकि आग सीधे उनके शरीर को न छुए, लेकिन खतरे का स्तर साफ तौर पर देखा जा सकता है। इतना ही नहीं जब बच्चों के ऊपर आंख फेंका जाता है तो बच्चे डर से रोने लगते हैं इलाज कराने आए बच्चों के परिजन ने कहा कि हम लोग बरसों से यहाँ आ रहे हैं। भगवान और बाबा के आशीर्वाद से हमारी बीमारियाँ ठीक हुई हैं जहां एक ओर आस्था लोगों को इस मंदिर की ओर खींच रही है वहीं दूसरी ओर आग से इलाज करने का यह तरीका कई सवाल भी खड़े करता है। क्या बीमारियों के इलाज के नाम पर जोखिम लेना सही है इसका जवाब ढूंढना अब ज़रूरी हो गया है।

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