देश में उर्वरक आयात बढ़ा, मोदी सरकार ने सुनिश्चित की पर्याप्त आपूर्ति

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 20 मार्च 2026: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार केंद्र सरकार ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राज्यों की मांग और फसल चक्र को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार के मुताबिक उर्वरक की आवश्यकता का आकलन सकल फसल क्षेत्र, सिंचित क्षेत्र, पिछले वर्षों के उपयोग और मिट्टी की उर्वरता के आधार पर किया जाता है। इसी के अनुरूप घरेलू उत्पादन और आयात के बीच संतुलन बनाते हुए आपूर्ति की योजना तैयार की जाती है।

यूरिया और डीएपी के आयात में बढ़ोतरी

जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) के दौरान यूरिया का आयात बढ़कर 89.30 लाख टन हो गया, जो पिछले वर्ष 48.70 लाख टन था। वहीं डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) का आयात भी 43.09 लाख टन से बढ़कर 60.16 लाख टन पहुंच गया।

हालांकि घरेलू उत्पादन में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। यूरिया का उत्पादन 258.48 लाख टन से घटकर 251.26 लाख टन रहा, जबकि डीएपी का उत्पादन 34.25 लाख टन से घटकर 33.71 लाख टन हुआ।

बिक्री में भी बढ़ोतरी

उर्वरकों की मांग में वृद्धि के चलते बिक्री के आंकड़ों में भी इजाफा हुआ है। यूरिया की बिक्री 345.86 लाख टन से बढ़कर 352.61 लाख टन हो गई, जबकि डीएपी की बिक्री 90.31 लाख टन से बढ़कर 91.36 लाख टन दर्ज की गई।

नैनो उर्वरकों को बढ़ावा

सरकार उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उर्वरकों को भी बढ़ावा दे रही है। अप्रैल-जनवरी 2025-26 के दौरान नैनो यूरिया की 182.50 लाख बोतल और नैनो डीएपी की 144.93 लाख बोतलों की बिक्री हुई है।

किसानों के लिए राहत

सरकार का कहना है कि बढ़ते आयात और प्रभावी प्रबंधन के चलते देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

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