बिहार में जमीन के जाली कागजात बनाना पड़ा भारी, विजय सिन्हा ने पेश किया 7 साल जेल का प्रस्ताव

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े जाली दस्तावेज बनाने और पेश करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य होगा और दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।

बिहार में जमीन से जुड़े धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों पर नियंत्रण के लिए नीतीश सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अब राज्य में जाली जमीन दस्तावेज बनाने या पेश करने वाले मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज होगी और दोषी पाए जाने पर सात साल की जेल की सजा का प्रावधान होगा। इस फैसले की जानकारी डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दी।

विधानसभा में उपमुख्यमंत्री की अहम घोषणा
शुक्रवार को विधानसभा में राजस्व और भूमि सुधार विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री और मंत्री विजय सिन्हा ने यह महत्वपूर्ण घोषणा की। सदन ने विभाग के 21 अरब 90 करोड़ 15 लाख 1 हजार रुपए के बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। हालांकि, सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी दलों ने सदन से वाकआउट किया।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि 12 दिसंबर से प्रमंडल स्तर पर चल रहे ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ अब जिला स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन मापी जैसे मामलों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। सरकार समान प्रकार की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए नई गाइडलाइन भी तैयार कर रही है।

16,584 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
विजय सिन्हा ने बताया कि विभाग में कुल 16,584 पदों पर भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में जारी है। इसमें 3,303 नए राजस्व कर्मचारी पद बनाए गए हैं, जिससे कुल पदों की संख्या बढ़कर 11,775 हो गई है। वर्तमान में लगभग 3,767 कर्मचारी पहले से कार्यरत हैं।

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