NEWS PR डेस्क: पटना, 11 अप्रैल। बिहार में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गन्ना उद्योग विभाग ने ‘गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना’ के तहत उन इलाकों में गन्ना खेती को बढ़ाने की कवायद शुरू की है, जहां फिलहाल चीनी मिलें मौजूद नहीं हैं।
राज्य सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने के साथ-साथ 25 नए जिलों में चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां ‘बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन योजना’ के जरिए गुड़ उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को वैकल्पिक आय के अवसर मिल सकें।
468.93 एकड़ में गन्ना खेती का विस्तार
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत अब तक 468.93 एकड़ भूमि पर गन्ने की खेती की जा चुकी है। इसमें Bhagalpur, Bhojpur (आरा), Darbhanga, Gaya, Jamui, Muzaffarpur, Patna, Purnia, Saharsa और Sitamarhi जैसे जिले शामिल हैं।
किसानों को मिल रहा मुफ्त गन्ना बीज
योजना के तहत सरकार किसानों को निःशुल्क गन्ना बीज उपलब्ध करा रही है। न्यूनतम 0.25 एकड़ से लेकर अधिकतम 5 एकड़ तक खेती करने वाले किसान इसका लाभ उठा सकते हैं। विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें गन्ना खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
आय और रोजगार के नए अवसर
गन्ना खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। एक बार बुआई के बाद फसल को तीन बार तक काटा जा सकता है, जिससे लागत कम और मुनाफा अधिक होता है। इसके अलावा, गन्ने से गुड़ उत्पादन कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की जा सकती है। बढ़ती मांग के कारण गन्ने के जूस से जुड़े छोटे कारोबारों में भी रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
इस संबंध में ईख आयुक्त Anil Kumar Jha ने बताया कि राज्य में गन्ना क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बड़े पैमाने पर गन्ना खेती से जोड़ना है। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है ताकि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।