बिहार के किशनगंज में जंगली हाथियों का आतंक जानलेवा बनता जा रहा है। बहादुरगंज थाना क्षेत्र के गांगी गांव में बुधवार सुबह दो जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चा घायल हो गया। हाथियों ने धान की फसल रौंदने के साथ कई कच्चे घरों की दीवारें तोड़ दीं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
किशनगंज जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना बहादुरगंज थाना क्षेत्र के गांगी गांव की है, जहां बुधवार सुबह दो जंगली हाथी अचानक आबादी वाले इलाके में घुस आए। हाथियों को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में घुसते ही हाथियों ने खेतों में लगी धान की फसल को रौंदना शुरू कर दिया। इसके बाद कई कच्चे घरों की दीवारें तोड़ दीं। घरों में रखा अनाज और अन्य सामान भी बिखर गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
इसी दौरान हाथियों की चपेट में आने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन दोनों को तत्काल बहादुरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, इस घटना में अलताबाड़ी निवासी बुजुर्ग मोफीज आलम की मौत हो गई, जबकि दरनिया गांव का एक मासूम बच्चा घायल है।
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी खुसरू सिराज, बहादुरगंज थाना की पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्रवाई शुरू की।
वन विभाग के अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को दिघलबैंक के धनतोला इलाके में भी हाथियों ने उत्पात मचाया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग की टीम को अलर्ट पर रखा गया है।
वन विभाग की टीम ने मौके से भीड़ को हटा दिया है। साथ ही जंगली हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
किशनगंज से मसरूर रईस की रिपोर्ट;-