NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 26 अप्रैल। देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ते तापमान के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने व्यापक लू (हीटवेव) संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में लू चलने की प्रबल संभावना जताई है और लोगों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।
आईएमडी के ताज़ा आकलन के अनुसार, देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। श्री गंगानगर में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का उच्चतम स्तर है। कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है।
विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में लू का असर देखने को मिल सकता है। वहीं, मध्य भारत के क्षेत्रों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तापमान में वृद्धि के साथ लू की स्थिति बनने की संभावना है। आईएमडी ने यह भी चेतावनी दी है कि तटीय राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जिससे असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 27 अप्रैल तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, जबकि इसके बाद धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है। वहीं, मध्य और अन्य क्षेत्रों में पहले तापमान बढ़ने और फिर हल्की गिरावट का अनुमान है।
लू से बचाव के लिए आईएमडी ने लोगों को दोपहर के समय सीधे धूप में जाने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा भारी शारीरिक गतिविधियों से परहेज करने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
विभाग ने चेताया है कि हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों से बचने के लिए जागरूकता और समय पर कदम उठाना बेहद जरूरी है। अप्रैल से जून 2026 के मौसमी पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू चलने की आशंका है।
आईएमडी ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक स्रोतों से नियमित अपडेट लेते रहें और जारी किए गए सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।