NEWS PR डेस्क Janata Dal (United) के संगठनात्मक चुनाव में Umesh Singh Kushwaha को एक बार फिर बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके खिलाफ किसी अन्य नेता ने पर्चा दाखिल नहीं किया, जिसके कारण उन्हें निर्विरोध तीसरी बार इस पद के लिए चुन लिया गया। पार्टी की ओर से शाम करीब चार बजे इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।
नामांकन के दौरान उमेश सिंह कुशवाहा ही इस पद के एकमात्र उम्मीदवार रहे। किसी अन्य दावेदार के सामने न आने से चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी और उन्हें सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
उमेश सिंह कुशवाहा पिछले कई वर्षों से बिहार में जदयू संगठन की कमान संभाल रहे हैं और उन्हें मुख्यमंत्री Nitish Kumar के करीबी नेताओं में गिना जाता है। वर्ष 2021 में उन्हें पहली बार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, जब उन्होंने वरिष्ठ नेता Vashishtha Narayan Singh का स्थान लिया था। तब से लेकर अब तक वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बिहार की राजनीति में जदयू का ‘लव-कुश’ यानी कुर्मी और कोइरी सामाजिक समीकरण महत्वपूर्ण माना जाता है। नीतीश कुमार जहां कुर्मी समुदाय से आते हैं, वहीं उमेश सिंह कुशवाहा कोइरी समाज से संबंध रखते हैं। इसी सामाजिक संतुलन के कारण भी पार्टी नेतृत्व का भरोसा उन पर बना हुआ है।
उमेश सिंह कुशवाहा को जदयू संगठन का जमीनी नेता माना जाता है। वे लंबे समय से पार्टी के लिए संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय रहे हैं। खास बात यह भी है कि जब Upendra Kushwaha जैसे बड़े कोइरी नेता ने पार्टी छोड़ी, तब भी उमेश कुशवाहा नीतीश कुमार के साथ मजबूती से जुड़े रहे, जिससे नेतृत्व का भरोसा उन पर और मजबूत हुआ।
वे Mahnār Assembly Constituency (वैशाली, Bihar) से विधायक हैं और 2015 तथा 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं। हालांकि 2020 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर भरोसा जताया था।