झारखंड सरकार ने पेश किया 1.58 लाख करोड़ का बजट, शिक्षा से कृषि तक बड़े ऐलान

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: रांची। झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया, जिसे ‘अबुआ दिशोम’ बजट नाम दिया गया है। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर बड़े प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने इसे समावेशी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला बजट बताया है।

शिक्षा क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। धनबाद में दो तथा पलामू, लातेहार और गढ़वा में एक-एक कुल पांच झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। आगामी वित्तीय वर्ष में 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। शहीदों के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 17 पॉलिटेक्निक संस्थानों को जे प्रगति योजना के तहत आईआईटी और एनआईटी के सहयोग से विकसित किया जाएगा, जबकि चतरा में अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। लातेहार, साहेबगंज और सरायकेला के सदर अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की भी योजना है।

कृषि क्षेत्र में सरकार ने किसानों को ऋणमुक्त करने और उनकी आय बढ़ाने को प्राथमिकता बताया है। अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार कृषि क्षेत्र में रोजगार 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है। बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय वितरण एवं फसल विस्तार योजना का बजट 95 करोड़ से बढ़ाकर 145 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। बंजर भूमि राइस फैलो और जलनिधि उपयोजना के तहत तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए 475.50 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कृषि समृद्धि योजना के तहत सौर ऊर्जा चालित सिंचाई इकाइयों के लिए 75 करोड़ रुपये और बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिला सशक्तिकरण के तहत महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है, जिससे महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह सहायता देने के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जेंडर बजट के तहत महिलाओं से संबंधित 232 योजनाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 750 ‘अबुआ दवाखाना’ खोले जाएंगे, जहां सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी। पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET-CT स्कैन मशीनें तथा 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। अबुआ आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का मकान बनाने के लिए 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 4,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सर्वजन पेंशन योजना के तहत लगभग 34 लाख लाभार्थियों के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 785 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन और 35 फ्लाईओवर या रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली देने की योजना जारी रहेगी, जिसके लिए 5,405 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर ‘अबुआ दिशोम’ बजट के जरिए राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं को विस्तार देने का संदेश दिया है।

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