कैमूर में स्वर्ण हुंकार: आरक्षण समीक्षा और एक्ट संशोधन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा आक्रोश

Shreya Raj
कैमूर में आरक्षण समीक्षा और एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर स्वर्ण समाज का महा आक्रोश मार्च, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल।

NEWS PR डेस्क: कैमूर: भभुआ शहर में सोमवार को स्वर्ण समाज इकाई, कैमूर के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर महा आक्रोश मार्च निकाला गया। यूजीसी के नए नियमों की वापसी, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन और आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया।

पटेल कॉलेज मैदान से जिला मुख्यालय तक निकला मार्च

महा आक्रोश मार्च की शुरुआत भभुआ स्थित भभुआ पटेल कॉलेज मैदान से हुई। प्रदर्शनकारी हाथों में भगवा झंडे लेकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान ‘जय भवानी’ और ‘जय परशुराम’ जैसे नारे लगाए गए। मार्च को देखते हुए जिला मुख्यालय और रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, कैमूर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन करने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

आरक्षण में आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग

आंदोलन में शामिल स्वर्ण समाज के लोगों ने कहा कि उनकी मांग किसी वर्ग के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों के अनुसार समाज के सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार मौजूद हैं, इसलिए आर्थिक पिछड़ेपन को सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण आधार बनाया जाना चाहिए।

एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर जताई आपत्ति

प्रदर्शनकारियों ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में कानून के कथित दुरुपयोग से स्वर्ण समाज और अन्य वर्गों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कथित दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक संशोधन की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कानून का उद्देश्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा करना है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ नहीं होना चाहिए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

स्वर्ण समाज के नेताओं ने कहा कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने हाईवे जाम और रेल रोको आंदोलन जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना और बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना है।

भाजपा सरकार को भी दी राजनीतिक चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की भाजपा सरकार को भी राजनीतिक चेतावनी दी। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आने वाले समय में भाजपा के बहिष्कार और चुनाव में मतदान नहीं करने जैसे राजनीतिक निर्णय पर विचार किया जा सकता है।

करणी सेना के प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस सिंह ने क्या कहा?

आक्रोश मार्च में शामिल करणी सेना के प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस सिंह और सदस्य अमित कुमार ट्विंकल ने कहा कि मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

प्रिंस सिंह ने कहा कि अगर सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने आने वाले दिनों में हाईवे जाम और रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की बात सुनने और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।

आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। फिलहाल स्वर्ण समाज ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में कैमूर समेत अन्य क्षेत्रों में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज होने की संभावना है।

कैमूर से रिपोर्टर: ब्रजेश दुबे

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