कटिहार में दवा व्यवस्था को लेकर चल रहा विरोध अब सड़क पर उतर आया है, जहां मेडिकल दुकानों पर ताले लटकते नजर आए और सदर अस्पताल के सामने केमिस्टों ने धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के देशव्यापी बंद का असर जिले में भी साफ दिखाई दिया, जिसके चलते शहर और आसपास के इलाकों में कई मेडिकल दुकानें बंद रहीं। दवा न मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

केमिस्ट संगठनों ने सदर अस्पताल कटिहार के सामने एकजुट होकर धरना दिया और ऑनलाइन दवा बिक्री तथा कॉर्पोरेट कंपनियों की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट देकर छोटे दवा कारोबारियों के व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इससे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध किया जा रहा था,
दवा दुकानदारों ने बताया कि पिछले कई दिनों से काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध किया जा रहा था, लेकिन मांगों पर कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्हें बंद और धरना जैसे कदम उठाने पड़े। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त रोक लगाने और कुछ नियमों को वापस लेने की मांग दोहराई।

हड़ताल के कारण विशेष रूप से रोजाना दवा लेने वाले मरीजों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि केमिस्ट संगठनों ने मरीजों से असुविधा के लिए खेद भी जताया। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों के अस्तित्व और सुरक्षित दवा व्यवस्था को बचाने के लिए किया जा रहा है।
कटिहार से सुमन शर्मा की रिपोर्ट।