गांधी सेतु से लेकर एनएच-30 और पटना-गया रोड में लगी गाड़ियों की लंबी कतार, शहर का ट्रैफिक चरमराया

Sanjeev Shrivastava

NEWSPR डेस्क। राजधानी में हाइवे पर भीषण जाम लग गई है। गांधी सेतु से लेकर एनएच-30 और पटना-गया रोड में भी पिछले कई घंटों से गाड़ियों की कतारें लग गई हैं। जाम ऐसा लगा है कि बड़ी गाड़ियों को तो छोड़ दीजिए, छोटी गाड़ियां भी निकल नहीं पा रही हैं। जाम में लोग ऐसे फंसे हैं कि उनके पास विकल्प के तौर पर कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है। पटना को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले गांधी सेतु से शुरू हुआ जाम अब नेशनल हाइवे-30 और पटना-गया रोड पर जा पहुंचा है। ट्रकों की वजह से गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई है। जाम की वजह से हालात इतने बुरे हो गए हैं कि पटना की ट्रैफिक पुलिस के साथ ही लोकल एरिया के कई थानों की पुलिस टीम इससे लोगों को निजात दिलाने में लगी हुई है।

बड़े पैमाने पर पुलिस की तरफ से मैन पावर लगा दिया गया है, लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी जाम में फंसे लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। ऊपर से मौका छठ महापर्व का भी है। बुधवार से चार दिनों का अनुष्ठान भी शुरू हो रहा है। राजधानी में हाइवे पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। हाल दो साल पहले वाले हो गए हैं। गाड़ियों की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लग चुका है।

पटना के ट्रैफिक एसपी अमरकेश दापीनेनी ने बताया कि जाम लगने की तीन बड़ी वजहें हैं। ट्रैफिक एसपी के अनुसार लॉकडाउन के पहले से ही कोइलवर पुल और मोकामा के राजेंद्र पुल को ट्रक समेत सभी प्रकार की बड़ी गाड़ियों के लिए बंद कर दिया गया था, जो लगातार अब तक बंद है। इसी तरह दीघा पुल पर भी ट्रकों के परिचालन पर रोक है। ऊपर से अब गांधी सेतु के पूर्वी लेन को तोड़ने का काम शुरू हो गया है।

अब उत्तर बिहार की तरफ जाने और उधर से पटना आने के लिए गांधी सेतु का सिर्फ पश्चिमी लेन ही काम कर रहा है। इस नए लेन से ही दोनों तरफ की गाड़ियां आ जा रही हैं। इसमें भी बालू और 6 चक्कों से अधिक के ट्रकों के आने-जाने पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं लगी है। इस कारण गांधी सेतु के पश्चिमी लेन पर गाड़ियों का दबाव काफी अधिक हो गया है। गांधी सेतु पर बालू लदे और बड़े ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाना होगा।

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