NEWSPR डेस्क। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण बस कुछ ही देर बार शुरू हो जाएगा। ग्रहण का स्पर्श का समय सुबह 11 बजकर 34 मिनट से होगा। साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण अमेरिका, पूर्वी एशिया, उत्तरी यूरोप और ऑास्ट्रेलिया में दिखाई देगा। भारत में यह चंद्रग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा जिस कारण से यह पूरे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। माना जा रहा है कि ग्रहण के अंतिम समय में यह पूर्वोत्तर राज्यों में थोड़े समय के लिए यह दिखाई देगा।
आज करीब 580 साल बाद काफी देर तक चलने वाला यह आंशिक चंद्रग्रहण बस कुछ मिनटों के बाद शुरू हो जाएगा। यह चंद्र ग्रहण सुबह 11 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर शाम के 05 बजकर 59 मिनट पर खत्म होगा। इससे पहले इतना लंबा आंशिक चंद्रग्रहण 19 फरवरी 1440 में लगा था। 580 साल बाद सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगने के बाद 15 दिनों के अंतराल पर साल 2021 का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगेगा। 04 दिसंबर 2021, शनिवार को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर लगेगा। यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा जिस कारण से सभी राशियों को जातकों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
आज लगने वाला चंद्रग्रहण आंशिक होगा जिसका प्रभाव भारत में नहीं होगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण मात्र एक उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा। जिसे ग्रहण नहीं माना जाता है। ग्रहण मान्य नहीं होने के कारण इसका सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा। भारत में यह चंद्रग्रहण सू्र्यास्त के समय ही असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाको में देखा जा सकता है। सूतक काल का प्रभाव भारत में नहीं होने के कारण किसी भी तरह की पाबंदी पूजा-पाठ और धार्मिक क्रियाकालपों में नहीं होगा। शास्त्रों में चंद्रग्रहण को अशुभ माना जाता गया है। जब ग्रहण काल शुरू होता है तो उस दौरान कुछ कार्य करना वर्जित होता है। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता। ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होती है। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें और कोई भी धारदार चीज का प्रयोग न करें। ग्रहण के दौरान भोजन नहीं किया जाता।
चंद्रग्रहण के साथ आज कार्तिक पूर्णिमा और गुरुनानक जयंती भी
आज साल के आखिरी चंद्रग्रहण के साथ कार्तिक पूर्णिमा और गुरुनानक जयंती भी मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान,स्नान,जप और पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है। कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार दीपावली के 15 दिनों के बाद मनाया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर ही बनारस में देव दिवाली मनाई जाती है। मान्यता है कि स्वर्ग से सभी देवी-देवता बनारस की भूमि पर देव दिवाली मनाने के लिए आते हैं। इसके अलावा कार्तिक पूर्णिमा पर ही सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेव जी का जन्म भी हुआ था। इस दिन गुरुद्वारों को विशेष रूप से सजाया जाता है।
आज चंद्रग्रहण का इन राशियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। आज साल का आखिरी चंद्रग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लग रहा है। ऐसे में इस ग्रहण का सभी राशियों के जातकों पर कुछ न कुछ प्रभाव देखने को मिलेगा। वृषभ राशि के जातकों पर इस चंद्र ग्रहण का ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा कुछ अन्य राशियां भी जिन पर चंद्रग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा। सिंह, तुला और कुंभ राशियों के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।