NEWS PR डेस्क: पटना से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान मालसलामी थाना क्षेत्र के दमरही घाट पर दो युवकों की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने इलाके में शोक और सनसनी दोनों फैला दी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक दोनों युवक कंकड़बाग इलाके के निवासी थे और छठ पूजा के अवसर पर घाट पर पहुंचे थे। पूजा-अर्चना के दौरान अचानक वे गहरे पानी में चले गए और खुद को बचा नहीं सके। स्थानीय लोग और गोताखोरों की मदद से काफी प्रयास के बाद उनके शव नदी से बाहर निकाले गए। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश कर रही है।
यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब पूरा बिहार आस्था और भक्ति में डूबा था। चैती छठ पूजा का चार दिवसीय महाअनुष्ठान उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चल रहा था। घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, हर कोई अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए भगवान भास्कर की पूजा में लीन था।
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। पूरे इलाके में मातम पसरा है और लोगों की आंखें नम हैं।
वहीं, पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल में स्थित उलारधाम का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व भी छठ पूजा के अवसर पर देखा गया। मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र राजा शांब ने यहां सूर्य मंदिर की स्थापना की थी। इसी कारण यहां हर साल लाखों श्रद्धालु उदयगामी और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने आते हैं।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद यह हादसा कई सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर गया। छठ जैसे पवित्र पर्व पर जहां आस्था का सागर उमड़ता है, वहीं ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को भी सामने लाती हैं।