किसानों के हित में बड़ा फैसला: FRK की अनिवार्यता स्थगित, धान अधिप्राप्ति को मिलेगी रफ्तार

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: लेशी सिंह ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए फोर्टीफाइड राइस कर्नेल (FRK) की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। इस फैसले से बिहार में धान अधिप्राप्ति और सीएमआर (CMR) जमा करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

मंत्री ने बताया कि अब मिलर बिना फोर्टीफाइड चावल के ही चावल की आपूर्ति कर सकेंगे। इससे पैक्स स्तर पर अधिभार और तकनीकी अड़चनों की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर बिहार के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था। विशेष रूप से धान अधिप्राप्ति की समय-सीमा बढ़ाने और FRK की धीमी आपूर्ति के कारण CMR जमा करने में हो रही कठिनाइयों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया था।

मंत्री के अनुसार, धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 पहले ही कर दी गई है। साथ ही, वर्तमान लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 45 लाख मीट्रिक टन करने का प्रस्ताव भी केंद्र के समक्ष रखा गया है, जिस पर सकारात्मक पहल की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि “खरीफ विपणन मौसम 2025-26” के तहत निर्धारित 36.85 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.44 लाख किसानों से 30.34 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 82.33 प्रतिशत है।

मंत्री लेशी सिंह ने इस निर्णय के लिए भारत सरकार और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिप्राप्ति कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता और दक्षता के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को इसका समुचित लाभ मिल सके।

उन्होंने दोहराया कि बिहार सरकार किसानों के हितों की रक्षा और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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