मांझी का खुलासा: 8 महीने की उम्र में मां खोने वाले संतोष सुमन को ऐसे संभाला

It's not blood, but upbringing and affinity that determine the true identity of relationships

Rashmi Tiwari
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गया: एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने निजी जीवन से जुड़ा ऐसा खुलासा किया, जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। जीतन राम मांझी ने संतोष सुमन के बचपन को याद करते हुए कहा कि जब वह मात्र 8 महीने के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था। ऐसे कठिन समय में पूरे परिवार ने मिलकर उनका पालन-पोषण किया। उन्होंने भावुक होकर बताया कि संतोष की चाची ने अपने दूध से उनका पालन-पोषण किया। मांझी ने इसे परिवार के त्याग और अपनापन का बड़ा उदाहरण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके भाई, जो इंस्पेक्टर थे, उन्होंने संतोष को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ाया।
कभी सौतेला महसूस नहीं होने दिया
मांझी ने कहा कि समाज में सौतेले रिश्तों को अक्सर नकारात्मक नजर से देखा जाता है, लेकिन उन्होंने इस सोच को बदलने की कोशिश की। उन्होंने संतोष को हमेशा अनुशासन में रखा और कभी उसे अपने से अलग नहीं माना, बल्कि उसके भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहा,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने का फैसला
केंद्रीय मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज संतोष कुमार सुमन न सिर्फ उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं, बल्कि मंत्री पद तक भी पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने काफी पहले ही कर लिया था कि वे संतोष को आगे बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
समाज को दिया सकारात्मक संदेश
मांझी का यह बयान न सिर्फ भावुक करने वाला था, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी लेकर आया। उन्होंने दिखाया कि रिश्तों की मजबूती खून से नहीं, बल्कि परवरिश, अपनापन और जिम्मेदारी से तय होती है।उनके इस खुलासे ने न सिर्फ लोगों को भावुक किया, बल्कि समाज में सौतेले रिश्तों को लेकर एक नई और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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