NEWS PR डेस्क: भागलपुर के मायागंज अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने के आरोप के बीच एक घायल युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मिथिलेश पासवान (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो झारखंड के मिर्जाचौकी का रहने वाला था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कई घंटों तक एक विभाग से दूसरे विभाग भेजा जाता रहा, लेकिन युवक का इलाज शुरू नहीं किया गया। युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने मायागंज अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया।
सीढ़ी से गिरकर घायल हुआ था मिथिलेश पासवान
मिली जानकारी के अनुसार, मिथिलेश पासवान अनियंत्रित होकर सीढ़ी से गिर गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में पहुंचने के बावजूद युवक को समय पर इलाज नहीं मिल सका और आखिरकार उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी गेट के बाहर खड़े रहने का आरोप
मृतक के भाई छट्टू पासवान ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे मिथिलेश को लेकर मायागंज अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें इमरजेंसी गेट के बाहर करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक खड़ा रखा गया।
छट्टू पासवान के अनुसार, काफी देर बाद जब डॉक्टर पहुंचे तो उन्होंने इलाज करने के बजाय यह कहते हुए दूसरे विभाग में भेज दिया कि यहां इलाज नहीं होगा।

4 घंटे तक विभागों के चक्कर लगवाने का आरोप
मृतक के भाई का आरोप है कि एक विभाग से दूसरे विभाग भेजे जाने का सिलसिला करीब चार घंटे तक चलता रहा। उनका कहना है कि जिस विभाग में वे जाते, वहां से उन्हें दूसरे विभाग भेज दिया जाता था।
परिजनों का आरोप है कि इस दौरान मिथिलेश की न तो किसी प्रकार की जांच की गई और न ही उसे कोई इंजेक्शन दिया गया। उनका दावा है कि डॉक्टरों ने उनकी बात भी नहीं सुनी और घायल युवक का उचित इलाज शुरू नहीं किया गया।
डॉक्टर पर धक्का-मुक्की का भी आरोप
छट्टू पासवान ने आरोप लगाया कि इलाज की मांग करने पर डॉक्टरों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। उन्होंने दावा किया कि पुलिस के सामने भी डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार करते हुए कहा कि यहां इलाज नहीं होगा।
परिजनों का कहना है कि वे बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल मायागंज पहुंचे थे, लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण मिथिलेश की जान चली गई।
मौत के बाद 3 घंटे तक अस्पताल में हंगामा
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और मायागंज अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने अस्पताल में करीब तीन घंटे तक विरोध और हंगामा किया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर मायागंज अस्पताल स्थित बरारी पुलिस चौकी के कर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
बरारी पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना के बाद बरारी पुलिस ने मृतक मिथिलेश पासवान के शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मिथिलेश की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समय पर इलाज नहीं मिलने को युवक की मौत का कारण बता रहे हैं।
अस्पताल अधीक्षक से संपर्क नहीं हो सका
इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए मायागंज अस्पताल के अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। ऐसे में इलाज में कथित देरी और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी है।
भागलपुर से रिपोर्टर : श्यामानंद सिंह