मतलब का यार निकला अमेरिका और बाइडन, कोरोना पर जब चाहिए मदद तब दिखा दिया ठेंगा ?

Sanjeev Shrivastava

NEWSPR DESK- पूरा देश जानता है अमेरिका और भारत की करीबी दोस्ती कैसी है, अब भारत को पता चला कि दोस्त ही पीठ पर खंजर मारता है मुश्किल हालात में जब भारत ने अमेरिका की ओर रुख किया तो उसने भी मदद करने से साफ इनकार कर दिया आपको बता दें कि भारत अभी मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है कोरोना को लेकर ऐसी स्थिति में जब भारत ने अमेरिका से सहयोग मांगा तो उन्होंने साफ मना कर दिया,

आपको बता दें कि दुनिया में एक दिन इस वक्त सबसे अधिक कोरोना के मामले भारत में ही सामने आ रहे हैं बढ़ते मामलों के बीच भारत को वैक्सीन से ही सबसे अधिक उम्मीद है लेकिन कच्चे माल की कमी से इस में दिक्कत सामने आने लगी है.

इस मुश्किल की घड़ी में जब भारत ने अमेरिका की ओर रुख किया तो उसने मदद करने से साफ इंकार कर दिया और जो अमेरिका भारत को अपना सबसे करीबी दोस्त बताता है मुश्किल वक्त में उसकी ओर से यह जवाब आया

वहीं दूसरी ओर चीन और पाकिस्तान जैसे देश में मदद करने की पेशकश की जा रही है

उम्मीद नहीं था कि अमेरिका ऐसा करेगा..

आपको बता दें कि अमेरिका से कच्चे माल पर लगी पाबंदी नहीं हटाने वाली है बाइडन प्रशासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि उनका पहला दायित्व अमेरिकी लोगों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना है और अमेरिका की सफाई हजम होने वाली नहीं है अमेरिका में टीके की अतिरिक्त खुराक के हैं जिनका इस्तेमाल भी नहीं हो सकता है

अमेरिका भारत की मदद भूल गया..

पिछले साल भारत ने भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पाबंदी हटाकर अमेरिका को इसका निर्यात किया था। पिछले साल जब अमेरिका में रेकॉर्ड केस सामने आ रहे थे उस वक्त भारत की ओर से दवाइयां भेजी गईं। भारत की ओर से अमेरिका ही नहीं कई दूसरे देशों की भी मदद की गई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन के बीच पिछले हफ्ते कोविड और स्वास्थ्य सहयोग को लेकर चर्चा हुई थी। जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि अमेरिका की ओर से निर्यात की अनुमति मिल जाएगी।

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