बिहार में सड़क दुर्घटना के बाद इलाज आसान, 112 से मिलेगी तुरंत मदद और मुफ्त उपचार

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क :बिहार में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के लिए सरकार ने एक बड़ी और राहतभरी व्यवस्था लागू की है। अब हादसे के बाद घायल या उसके परिजनों को एंबुलेंस, अस्पताल या इलाज के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ डायल 112 पर एक कॉल करते ही पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल की पूरी व्यवस्था सक्रिय हो जाएगी। इतना ही नहीं, पात्र मरीजों को 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिलेगी, जिससे इलाज के खर्च की चिंता भी नहीं रहेगी।

यह सुविधा इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत शुरू की गई है। इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि सड़क हादसे के बाद घायल को बिना देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा सके और इलाज तुरंत शुरू हो सके।
हादसा होने पर क्या करना होगा?
यदि सड़क दुर्घटना होती है, तो सबसे पहले 112 पर कॉल करें। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम नजदीकी एंबुलेंस और अस्पताल से संपर्क करेगा। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंचेगी और घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए संचालित होगी, जिससे समय की बचत होगी और मरीज को अनावश्यक औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज
इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री राहत योजना के माध्यम से 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। मरीज या उसके परिजनों को इलाज शुरू कराने के लिए पहले कोई राशि जमा नहीं करनी होगी। अस्पताल तत्काल उपचार शुरू करेगा और भुगतान की प्रक्रिया बाद में तय व्यवस्था के अनुसार पूरी होगी।
‘गोल्डन आवर’ बचा सकता है जिंदगी
बिहार पुलिस के एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार के मुताबिक, सड़क हादसे के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ सबसे अहम होता है। इस दौरान यदि घायल को समय पर इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से इस व्यवस्था को तेज, सरल और तकनीक आधारित बनाया गया है।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
यह सुविधा सड़क दुर्घटना के हर पीड़ित के लिए है। इसमें पैदल यात्री, साइकिल सवार, बाइक चालक, कार सवार और अन्य किसी भी वाहन से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
जागरूकता की कमी बनी चुनौती
पुलिस के अनुसार, यह योजना 13 फरवरी 2026 से पूरे बिहार में लागू है। इसके बावजूद अब तक केवल 82 लोगों ने इसका लाभ उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि लोगों में जानकारी के अभाव के कारण इस महत्वपूर्ण योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पुलिस की अपील
बिहार पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क हादसा होने पर बिना समय गंवाए तुरंत 112 पर कॉल करें। वहीं सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था सड़क दुर्घटनाओं के बाद इलाज शुरू होने में होने वाली देरी को कम करेगी, घायलों की जान बचाने में मदद करेगी और सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को घटाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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