NEWS PR डेस्क: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता व मंत्री अशोक चौधरी ने अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ लिया है। उन्होंने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर योगदान दिया है।
सोमवार, 16 फरवरी 2026 को अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे अपने लिए गर्व और खुशी का क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि यह उनके जीवन की एक नई जिम्मेदारी और नए संकल्प की शुरुआत है। साथ ही उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और मार्गदर्शकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
अशोक चौधरी ने विशेष रूप से मगध विश्वविद्यालय और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अधिकारियों का धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से उन्हें यह अवसर मिला।
गौरतलब है कि असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर पिछले कई वर्षों से मामला लंबित था। दरअसल, उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में नाम “अशोक कुमार” और चुनावी दस्तावेजों में “अशोक चौधरी” दर्ज होने के कारण विभागीय स्तर पर आपत्तियां उठी थीं। इसी वजह से प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही।
इस मामले की जांच और सत्यापन के बाद अब सभी दस्तावेजों को मंजूरी मिल गई है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से संबंधित अधिकारियों के अनुसार, नाम से जुड़ी विसंगतियों का समाधान होने के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ।
अशोक चौधरी की इस नियुक्ति को लेकर पहले राजनीतिक गलियारों में भी काफी चर्चा रही थी। अब विश्वविद्यालय में योगदान के साथ उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।