NEWS PR डेस्क: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का समय पर और पूर्ण लाभ दिलाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने शुक्रवार को राजधानी में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India Ltd (नाफेड) के माध्यम से दलहन एवं तिलहन की खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को अपनी उपज का भुगतान बिना देरी के मिले और खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसान सीधे सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ें और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
समीक्षा में मूल्य समर्थन योजना (PSS) और मूल्य स्थिरीकरण निधि (PSF) के अंतर्गत जारी खरीद कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और खरीद प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि बाजार में मूल्य स्थिरता बनी रहे।
बैठक में तुअर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दलहनों के उत्पादन और खरीद को विशेष प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। प्रस्तावित छह वर्षीय “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” के तहत उन्नत बीजों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीकी सहयोग और सुदृढ़ विपणन तंत्र विकसित करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। सरकार का लक्ष्य है कि देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाए और आयात पर निर्भरता घटाई जाए।
बैठक में कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और नाफेड के प्रबंध निदेशक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने दोहराया कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि और कृषि क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।