NEWS PR डेस्क: पटना, 16 मार्च 2026। राज्य में निर्माणाधीन और जीर्णोद्धार भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भवन निर्माण विभाग ने 10 उड़नदस्ता दलों (फ्लाइंग स्क्वॉड) का गठन किया है। इन दलों का उद्देश्य निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करना और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना है।
विभाग के अनुसार प्रत्येक उड़नदस्ता दल में अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही भवनों में हो रहे विद्युत कार्यों की जांच के लिए भी विशेष उड़नदस्ता दल तैनात किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान उड़नदस्ता दल निर्माण स्थल से ईंट, बालू, गिट्टी और कंक्रीट के क्यूब मोल्ड जैसे नमूने एकत्र कर उन्हें अंचल स्तरीय या केंद्रीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज सकेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधीक्षण अभियंताओं को अपने पदस्थापन अंचल से अलग किसी अन्य प्रमंडल की योजनाओं की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी उड़नदस्ता दल मुख्य अभियंता (गुणवत्ता अनुश्रवण) के नियंत्रण में कार्य करेंगे।
विभागीय सचिव कुमार रवि ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिए यह नई पहल की गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उड़नदस्ता दल की रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग समय-समय पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाता रहता है, ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और मजबूत व टिकाऊ भवनों का निर्माण किया जा सके।
भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों में उपयोग हो रही सामग्रियों की जांच केंद्रीय प्रयोगशाला में कराई जा रही है। यहां 55 से अधिक आधुनिक उपकरणों की मदद से पुरानी, निर्माणाधीन और भविष्य की संरचनाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया जा रहा है।