निषाद आरक्षण पर मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान, बोले- 2027 तक अधिकार नहीं मिला तो BJP को भुगतना होगा खामियाजा

Shreya Raj
निषाद आरक्षण के मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।

पटना/लखनऊ: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार, 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित सामाजिक मिलन समारोह में सहनी ने कहा कि अगर वर्ष 2027 तक निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिया गया तो भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प दिलाया कि आरक्षण लागू नहीं होने तक योगी-मोदी को वोट नहीं दिया जाएगा।

अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़नी होगी’

मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब किसी दूसरे के भरोसे अपने अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ेगा। समाज को खुद जागरूक होकर अपने बच्चों के भविष्य के लिए फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी वकालत किसी दूसरे के हाथ में सौंप देता है, उसका वकील कभी भी बिक सकता है, इसलिए निषाद समाज को अपने अधिकारों के लिए खुद आवाज उठानी होगी। सहनी ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वह बेहद गरीब मछुआरा परिवार से आते हैं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की उम्र में वह मुंबई गए थे और वहां महज 900 रुपये मासिक मजदूरी से अपना जीवन शुरू किया। लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद जब वह बिहार लौटे तो उन्हें महसूस हुआ कि निषाद समाज आज भी काफी पीछे है।

लखीमपुर खीरी की आठ विधानसभा सीटों पर बनेगी कमेटी

सहनी ने कहा कि निषाद समाज को जाति, धर्म और भावनाओं के नाम पर गुमराह कर वोट लेने की राजनीति अब खत्म करनी होगी। उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी की आठ विधानसभा सीटों के लिए आठ-आठ लोगों की कमेटियां बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इन कमेटियों से जुड़े कार्यकर्ता दीपावली तक गांव-गांव जाएंगे और लोगों को निषाद आरक्षण के मुद्दे पर जागरूक करेंगे, साथ ही लोगों को आरक्षण के लिए संकल्प दिलाया जाएगा। सहनी ने कहा कि इस अभियान के लिए पार्टी की ओर से जरूरी सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

‘वोट बच्चों के भविष्य और अधिकार के आधार पर होगा’

VIP नेता ने कहा कि निषाद समाज का वोट अब किसी नेता के चेहरे, पैसे या भावनात्मक मुद्दों के आधार पर नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और अधिकारों के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान अगर कोई पैसा देता है तो लोग उसे ले सकते हैं, लेकिन वोट अपने विवेक से दें और आरक्षण लागू नहीं करने वालों का समर्थन न करें। सहनी ने कहा कि निषाद समाज को अब किसी नेता का अंधानुकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर वह खुद कभी भाजपा को वोट देने की अपील करें, तब भी समाज को उनकी बात नहीं माननी चाहिए और आरक्षण लागू होने तक अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखनी चाहिए।

संजय निषाद को छह महीने का समय

मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के मंत्री डॉ. संजय निषाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संजय निषाद पहले निषाद समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते थे, लेकिन अब सत्ता के साथ समझौता कर चुके हैं।

सहनी ने कहा कि संजय निषाद को छह महीने का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिलता है तो उन्हें मोदी-योगी सरकार से अलग होकर विपक्ष की राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर 15 नवंबर तक आरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं होता है तो VIP आने वाले समय में अपना राजनीतिक फैसला लेगी।

‘VIP का भाजपा से कोई समझौता नहीं हो सकता’

कार्यक्रम के बाद हुई प्रेस वार्ता में मुकेश सहनी ने स्पष्ट कहा कि भाजपा के साथ उनका कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा की नीतियों से है। सहनी ने कहा कि जो लोग बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान को कमजोर करने का प्रयास करेंगे, उनके साथ वह कभी खड़े नहीं होंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह उत्तर प्रदेश में VIP का केवल विस्तार करने नहीं आए हैं, बल्कि उनका उद्देश्य निषाद समाज को जागरूक करना और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना है।

छात्र आंदोलनों को बताया लोकतांत्रिक अधिकार

देश में चल रहे छात्र आंदोलनों पर भी सहनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना जनता का अधिकार है। जब सरकार छात्रों, युवाओं, गरीबों और किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती तो आंदोलन होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने कई बार आंदोलनों के जरिए सरकारों को अपनी ताकत का एहसास कराया है।

प्रशांत किशोर को बांकीपुर में जीत पर दी बधाई

बांकीपुर विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को लेकर भी मुकेश सहनी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रशांत किशोर को जीत की बधाई देते हुए कहा कि बांकीपुर भाजपा की परंपरागत सीट रही है, ऐसे में भाजपा को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए।

सहनी ने कहा कि प्रशांत किशोर की अपनी पहचान और योग्यता है और इसी वजह से जनता ने उन्हें मौका दिया।

‘2027 तक आरक्षण नहीं तो भाजपा को भुगतना होगा खामियाजा’

मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब किसी नेता के अंधानुकरण के बजाय अपने अधिकारों को प्राथमिकता देगा। उन्होंने दावा किया कि अगर वर्ष 2027 तक निषाद आरक्षण लागू नहीं किया गया, तो भाजपा को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के लिए यह लड़ाई केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और अधिकारों से जुड़ी हुई है। सहनी ने समाज से आरक्षण के मुद्दे पर जागरूक रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।

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