16 जनवरी से नीतीश कुमार की ‘धन्यवाद यात्रा’, राजनीतिक गलियारों में बेटे निशांत की ब्रांडिंग की चर्चा

Puja Srivastav

NEWSPR डेस्क | खरमास समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर राज्यव्यापी यात्रा पर निकल सकते हैं। इस प्रस्तावित दौरे को ‘धन्यवाद यात्रा’ नाम दिया गया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस यात्रा के दौरान वे जनता से अपने बेटे के लिए भी आशीर्वाद मांग सकते हैं।

सामान्य तौर पर इस यात्रा को एनडीए को मिली भारी जीत के लिए जनता का आभार व्यक्त करने वाला कार्यक्रम माना जा रहा है। लेकिन इस यात्रा का मकसद केवल धन्यवाद देना नहीं है। इसकी रणनीति में एक ही समय में कई राजनीतिक निशाने साधना शामिल है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस दौरान अपने बेटे निशांत की राजनीतिक पहचान बनाने और जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता बढ़ाने की भी तैयारी कर रहे हैं। यानी, यह यात्रा केवल एक शुक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश और भविष्य की तैयारी का भी माध्यम है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धन्यवाद यात्रा की शुरुआत खरमास खत्म होने के बाद करेंगे। सनातन परंपरा के अनुसार शुभ काम की शुरुआत मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाने के बाद ही की जाती है, और नीतीश कुमार भी यही क्रम अपनाने जा रहे हैं।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जनता ने उन्हें जिस अंदाज में बंपर जीत दिलाई, उसके लिए धन्यवाद देना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है।

जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के लिए अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए हैं। अब उन्हें पूरा रूट तय करना है — कहां से यात्रा की शुरुआत होगी और कहां इसका अंत होगा। जैसे ही इस यात्रा का चार्ट तैयार होगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस पर महर लगाएंगे, इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की धन्यवाद यात्रा में उनके पुत्र निशांत कुमार भी उनके साथ होंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री अपने बेटे को बिहार की राजनीतिक पृष्ठभूमि बारीकी से समझाने का अवसर देंगे। यात्रा के दौरान निशांत को बताया जाएगा कि किस क्षेत्र का क्या सामाजिक समीकरण है, साथ ही जिला स्तर पर जदयू के सांगठनिक ढांचे से भी उन्हें परिचित कराया जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए निशांत कुमार को केवल सांगठनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बिहार के राजनीतिक समीकरणों का ज्ञान भी बढ़ाने का मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी धन्यवाद यात्रा के दौरान प्रशासन के साथ रिश्तों की मजबूती और जवाबदेही को रिन्यू करेंगे। यह यात्रा प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का अवसर भी साबित होगी। साथ ही, उनके पुत्र निशांत कुमार को प्रशासनिक कामकाज और अधिकारियों को कैसे संभालना है, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

नीतीश कुमार की आदत रही है कि वे जनता से किए गए वादों की सख्ती से निगरानी करते हैं। इस यात्रा का एक अहम हिस्सा यही होगा कि एक साल पहले ‘प्रगति यात्रा’ में की गई घोषणाओं का जमीन पर असर क्या रहा। इस आधार पर प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश और आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

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