NEWS PR डेस्क: बिहार, 23 मार्च। तत्काल टिकट को लेकर लंबे समय से चली आ रही अफरातफरी, लंबी कतारें और दलालों की सक्रियता पर अब लगाम लगती दिख रही है। सोनपुर डिवीजन ने यात्रियों की सुविधा के लिए ‘क्यू-मित्र’ नाम की नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की है, जिसने टिकट लेने की पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बना दिया है।
पिछले करीब 13 दिनों से लागू इस सिस्टम को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ और स्मार्ट रेलवे की दिशा में एक अहम कदम है, जिसे आगे अन्य स्टेशनों पर भी लागू करने की योजना है।
इस नई व्यवस्था के तहत यात्री सेल्फ-सर्विस कियोस्क के जरिए खुद ही टोकन प्राप्त करते हैं। टोकन लेने के लिए आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे हर यात्री की पहचान सुनिश्चित होती है। टोकन पर फोटो, सीरियल नंबर और समय अंकित होता है, जबकि स्क्रीन पर चल रही कतार की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में दिखाई देती है।
सबसे अहम बदलाव यह है कि अब एक आधार कार्ड पर एक दिन में सिर्फ एक ही टोकन जारी होगा। इससे फर्जी बुकिंग और दलालों की भूमिका पर काफी हद तक रोक लगी है। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया में रेलवे कर्मचारियों की भूमिका बेहद सीमित कर दी गई है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्टेशनों पर भीड़, धक्का-मुक्की और विवादों में भी कमी आई है। यात्रियों का कहना है कि अब उन्हें बिना किसी सिफारिश या अतिरिक्त प्रयास के आसानी से टिकट मिल रहा है, जिससे उनका अनुभव पहले से काफी बेहतर हुआ है।
कुल मिलाकर, ‘क्यू-मित्र’ सिस्टम ने तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर यात्रियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का प्रभावी समाधान पेश किया है और रेलवे सेवाओं में तकनीकी सुधार की एक नई मिसाल कायम की है।