31 साल पुराना केस: पप्पू यादव न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जमानत पर 9 फरवरी को सुनवाई

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शनिवार को मेडिकल जांच के बाद एंबुलेंस से पटना सिविल कोर्ट लाया गया। कोर्ट ने 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, उनकी खराब सेहत को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के बजाय अस्पताल में इलाज की अनुमति दी है। फिलहाल पप्पू यादव पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में पुलिस निगरानी में भर्ती रहेंगे।

मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 9 फरवरी को होगी। पप्पू यादव के वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने बताया कि इसी दिन उनकी जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

पटना पुलिस ने शुक्रवार, 6 फरवरी की रात पप्पू यादव को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक केस में की गई, जिसके दौरान देर रात तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पप्पू यादव ने पुलिस अधिकारियों के सिविल ड्रेस में होने और अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया था।

गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां तबीयत बिगड़ने पर उन्हें PMCH रेफर कर दिया गया। इस दौरान एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें पप्पू यादव को स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाते हुए देखा गया।

घर पर कब्जा करने से जुड़ा है मामला:

यह केस वर्ष 1995 का है और पटना के एक किराए के मकान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि पप्पू यादव किराए पर रहने के लिए उस मकान में गए थे, लेकिन बाद में वहां अपना कार्यालय खोल लिया और मकान पर कब्जा कर लिया। इस मामले में मकान मालिक ने गर्दनीबाग थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।

पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी के तहत दर्ज है। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में ट्रायल पर था, लेकिन सांसद तय तारीख पर पेश नहीं हुए, जिसके कारण कोर्ट के आदेश पर उनकी गिरफ्तारी की गई।

फिलहाल पप्पू यादव न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत पर फैसला कोर्ट की अगली सुनवाई में होगा।

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