NEWS PR डेस्क: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव रविवार को पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर एक दिवसीय उपवास करेंगे। वे सुबह 10 बजे से सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू करने, बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने और 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने सहित कई मांगों को लेकर उपवास पर बैठेंगे।

पप्पू यादव शुक्रवार को भी गर्दनीबाग पहुंचे थे और वहां आंदोलन कर रहे शोधार्थियों से मुलाकात कर उनके प्रदर्शन में शामिल हुए थे। ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले शोधार्थी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और महाधरना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान लगातार आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सहायक प्राध्यापक पद के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग
शोधार्थियों की सबसे प्रमुख मांग सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू करना है। इसके साथ ही वे सहायक प्राध्यापक पद के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति स्थायी और नियमित आधार पर होनी चाहिए, ताकि वर्षों से खाली पड़े पदों को जल्द भरा जा सके।
डोमिसाइल नीति को सहायक प्राध्यापक बहाली में लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारी बिहार की डोमिसाइल नीति को सहायक प्राध्यापक बहाली में लागू करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की स्वायत्तता को बनाए रखा जाना चाहिए।
इसके अलावा बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लंबे समय से कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा समायोजन की मांग भी आंदोलन का अहम हिस्सा है। शोधार्थियों का कहना है कि नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने से पहले वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के समायोजन पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।