पटना में घरेलू LPG गैस की आपूर्ति पर प्रशासन सख्त, ब्लैकमार्केटिंग के खिलाफ 4 एफआईआर दर्ज

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना: घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। अवैध गतिविधियों, ब्लैकमार्केटिंग और घरेलू गैस के दुरुपयोग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

जिला प्रशासन के अनुसार अब तक इस मामले में कुल 4 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें बाढ़ अनुमंडल में 3 और दानापुर अनुमंडल में 1 एफआईआर शामिल है। ये सभी मामले घरेलू एलपीजी गैस से जुड़ी अवैध गतिविधियों से संबंधित हैं। बाढ़ अनुमंडल में रेस्टोरेंट और फूड कैफे में कमर्शियल सिलेंडर की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किए जाने के मामले सामने आए हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है। वहीं दानापुर में एलपीजी गैस की ब्लैकमार्केटिंग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। घरेलू एलपीजी गैस की पारदर्शी और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपर जिला दंडाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी का निर्देश दिया गया है। साथ ही उपभोक्ताओं और आम लोगों से लगातार फीडबैक भी लिया जा रहा है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ब्लैकमार्केटिंग, जमाखोरी या अधिक कीमत पर गैस बेचने की शिकायत मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

शिकायतों के त्वरित निवारण और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए प्रखंड स्तर पर 28 धावा दलों का गठन किया गया है। इन दलों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, जो नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं।

इसके साथ ही घरेलू एलपीजी गैस से जुड़ी शिकायतों के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष (0612-2219810) भी सक्रिय किया गया है। उपभोक्ता सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक इस नंबर पर शिकायत या जानकारी दे सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने का भी निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और गैस वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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