NEWS PR डेस्क: पटना: 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नदी घाटों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न अनुमंडलों के नदी घाटों को कई सेक्टर में विभाजित किया गया है।
7 SDRF टीम तैनात, मोटर बोट और गोताखोर मुस्तैद
जिला प्रशासन की ओर से 7 #SDRF टीमों को मोटर बोट, गोताखोरों और जवानों के साथ तैनात किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में दो-दो मोटर बोट उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के नदियों और तालाबों के घाटों पर लाइफ जैकेट, नाव, नाविक और गोताखोरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।
निजी नावों के परिचालन पर रोक
महाशिवरात्रि के दिन सरकारी कार्य में लगी नावों को छोड़कर नदियों में किसी भी अन्य नाव के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधिकारी, पटना ने साफ निर्देश दिए हैं कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष फोकस
सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, स्पेशल मोबाइल टीमों और रिवर पेट्रोलिंग टीमों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। वहीं,अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सतत भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
आपातकालीन नंबर जारी
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810/2219234), जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (0612-2210118) अथवा आपात नंबर सेवा 112 पर दें।
जिला प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं, ताकि महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।