राजधानी पटना में 14 मई को सिविल डिफेंस ब्लैकआउट एवं हवाई हमले पर आधारित व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। प्रशासन की ओर से इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति, विशेषकर हवाई हमले जैसी परिस्थिति में प्रशासनिक व्यवस्था, राहत एवं बचाव तंत्र की तत्परता और प्रभावशीलता की जांच करना है। इसी को लेकर शनिवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी Dr. Thyagarajan SM की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, आपदा प्रबंधन टीमों और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल पूर्व निर्धारित अभ्यास है, किसी वास्तविक खतरे या हमले की स्थिति नहीं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। बैठक के दौरान अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) देवेंद्र प्रताप शाही ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से मॉकड्रिल और ब्लैकआउट से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशासन के अनुसार यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। Patna नगर निगम क्षेत्र के अलावा दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ में भी मॉकड्रिल आयोजित होगी।

चार प्रमुख स्थानों पर होगा सिमुलेशन अभ्यास
मॉकड्रिल के लिए चार प्रमुख सिमुलेशन स्थल चिन्हित किए गए हैं , पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड, IGIMS। इसके अतिरिक्त कई सरकारी कार्यालयों, परिसरों, भवनों और अस्पतालों को भी अभ्यास के लिए चयनित किया गया है। प्रशासन ने जानकारी दी कि 13 मई को पटना समाहरणालय में हवाई हमला परिदृश्य पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। वहीं 14 मई को निर्धारित समय पर दो मिनट तक नागरिक सुरक्षा सायरन बजाया जाएगा, जिसके साथ ही ब्लैकआउट लागू होगा।
मॉकड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय, सिविल डिफेंस, विधि-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाएं इस दौरान सामान्य रूप से जारी रहेंगी। पूरे अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और सभी गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी।