महाशिवरात्रि पर पटना दुल्हन जैसे सजा , सोमनाथ और विराट रामायण मंदिर की झांकियां आकर्षण का केंद्र

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : महाशिवरात्रि के अवसर पर पटना में भव्य शोभा यात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। खाजपुरा शिव मंदिर को रंग-बिरंगे बल्बों से सजाया गया है। 60 फीट ऊँचे मंच पर सोमनाथ और विराट रामायण मंदिर के शिवलिंग की प्रतिकृतियाँ मुख्य आकर्षण रहेंगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तैयारियों का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बसों और महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, विजय राघव मंदिर में भी विशेष पूजा और दीपोत्सव का आयोजन होगा।

महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को श्रीश्री महाशिवरात्रि महोत्सव शोभा यात्रा का आयोजन अभिनंदन समिति की ओर से किया जाएगा, जिसमें भव्य झांकियां दिखाई जाएंगी। महोत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।खाजपुरा स्थित शिव मंदिर को रंग-बिरंगे बल्बों से सुंदर रूप में सजाया गया है। शिव बारात में भाग लेने वाले भक्तों का उत्साह भी अपनी चरम सीमा पर है।झांकियों को अंतिम रूप देने का काम कलाकारों ने शुरू कर दिया है। खाजपुरा स्थित मुख्य समारोह स्थल का निरीक्षण जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम और पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने किया। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों ने मुख्य मंच का निरीक्षण किया। समिति के संयोजक डॉ. संजीव चौरसिया ने बताया कि 60 फीट लंबे मंच पर सोमनाथ मंदिर और विराट रामायण मंदिर के शिवलिंग की प्रतिकृतियाँ श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण बनेंगी।शिव मंदिर के आस-पास और फ्लाईओवर को रंग-बिरंगे बल्बों और झालरों से खूबसूरती से सजाया गया है। फ्लाईओवर के नीचे दोनों किनारों पर पोलों पर एलईडी बोर्ड और शिव पताकाएं लगाई गई हैं।मुख्य समारोह स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है। शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को घर पहुंचाने के लिए समिति ने बसों की व्यवस्था की है। मुख्य मंच के सामने महाप्रसाद वितरण का भी इंतजाम किया गया है, ताकि श्रद्धालु झांकी का दर्शन करने के बाद महाप्रसाद ग्रहण कर सकें।

विजय राघव मंदिर से होगी भव्य झांकी की शुरुआत

महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी और इसके लिए मंदिरों में तैयारियाँ जोरों पर हैं। केसरी नगर स्थित श्री विजय राघव मंदिर में भी दीपोत्सव का आयोजन किया गया।

श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दीपक जलाकर इस अवसर को मनाया। 1992 में स्थापित इस मंदिर परिसर में शिवलिंग के अलावा राम दरबार और पिंडी रूप में काली मां की प्रतिमाएँ विराजमान हैं।

मंदिर के पुजारी संजय तिवारी ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार और विधिपूर्वक पूजन किया जाएगा। संध्या समय में रूद्राभिषेक के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन भी होगा।

शिव को अर्पित वस्तुओं का महत्व:

गंगाजल: मानसिक अशांति और तनाव से मुक्ति

दूध: उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति

दही: जीवन में स्थिरता और गंभीरता

घी: पौरुष, बल, बुद्धि और विवेक में वृद्धि

मधु: वाणी में मधुरता

गुड़: दुःख, कष्ट और दरिद्रता का नाश

इत्र: मन, कर्म और विचारों की पवित्रता

केसर: यश, वैभव और सौम्यता में वृद्धि

भांग: रोग, शोक, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा का नाश

चंदन: मान-सम्मान और यश-कीर्ति में वृद्धि

सुगंधित तेल: धन-धान्य की प्राप्ति

धतूरे: संतान सुख

चावल: धन, सुख और समृद्धि

बिल्वपत्र: चल-अचल संपत्ति में वृद्धि

इन वस्तुओं के माध्यम से शिव पूजन से जीवन में आध्यात्मिक, मानसिक और भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं।

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