पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में सरकार ने सख्ती दिखाते हुए शुक्रवार (16 जनवरी, 2026) को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। आईजी जितेंद्र राणा को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। शनिवार को उन्होंने टीम के साथ घटनास्थल पहुंचकर हॉस्टल के कमरों, सीसीटीवी सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन जांच की। इस दौरान पटना पूर्वी एसपी भी मौजूद रहे।
पटना पुलिस इस मामले में हॉस्टल के मकान मालिक मनीष कुमार रंजन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है, जिसके बाद जांच को तेज किया गया है। एक जांच अधिकारी ने बताया कि एसआईटी ने मौके का निरीक्षण कर सभी संभावित एंगल पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय और सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से लेकर चल रही है। एडीजी (कमजोर वर्ग) भी स्थल का मुआयना कर चुके हैं।
परिजनों का आरोप है कि लड़की को पहले बेहोशी की हालत में पाया गया और उसके बाद गलत इंजेक्शन देकर हत्या की गई। परिवार ने सामूहिक दुष्कर्म और सीसीटीवी फुटेज हटाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा को पहले एक क्लिनिक और फिर दूसरे प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। परिजन मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं।