राजधानी पटना बनेगा क्लीन सिटी, नगर निगम बनाएगा अत्याधुनिक गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना: राजधानी को कचरा मुक्त और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में पटना नगर निगम ने व्यापक बुनियादी ढांचा योजना शुरू की है। शहर के सभी सर्किलों में आधुनिक गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस) स्थापित किए जा रहे हैं, जिन पर लगभग 53 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार, यह पहल शहर को स्मार्ट और स्वच्छ शहरी मॉडल की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

नए जीटीएस पारंपरिक कचरा डंपिंग स्थलों से अलग होंगे। यहां कचरे का वैज्ञानिक ढंग से संग्रहण, वजन मापन और प्रोसेसिंग की व्यवस्था की जा रही है। बड़े शेड, सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम, शौचालय, गार्ड रूम और धर्मकांटा जैसी सुविधाएं पारदर्शिता और साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगी। इससे प्रतिदिन आने वाले कचरे की सटीक मॉनिटरिंग संभव होगी और अनियंत्रित ढेर की समस्या पर अंकुश लगेगा।

परियोजना के तहत आधुनिक कॉम्पैक्टर यूनिट, हुक लोडर और कैप्सूल कंटेनर लगाए जा रहे हैं। इन मशीनों के जरिए कचरे को संकुचित कर तेज गति से ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। निर्बाध संचालन के लिए डीजी सेट की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी काम जारी रहे। इससे कचरा उठाव की प्रक्रिया तेज होगी और अंतिम निस्तारण अधिक प्रभावी बन सकेगा।

सबसे अधिक निवेश पटना सिटी अंचल में लगभग 13.97 करोड़ रुपये का किया जा रहा है, जबकि बांकीपुर और पाटलिपुत्र क्षेत्रों में भी निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यारपुर स्थित स्टेशन का निर्माण लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और जल्द ही मशीनों की स्थापना शुरू होगी।

निगम की योजना है कि नए स्टेशन चालू होते ही पुराने कचरा केंद्रों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे खुले में कचरा जमा होने की समस्या खत्म होगी। स्टेशनों को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि कचरे से निकलने वाला तरल अपशिष्ट सीधे ड्रेनेज सिस्टम में जाए और आसपास बदबू न फैले।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिलेगा और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार की उम्मीद है। यह परियोजना पटना को अधिक आधुनिक, स्वच्छ और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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