NEWS PR डेस्क: पटना, 31 मार्च। राजधानी पटना समेत बिहार के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के नियमों में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत अब कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, अब केवल गीला और सूखा कचरा अलग करना पर्याप्त नहीं होगा। घरों और संस्थानों को कचरे को चार रंगों के डस्टबिन में अलग-अलग रखना होगा—हरा (गीला कचरा), नीला (सूखा कचरा), लाल (सेनेटरी वेस्ट) और काला (स्पेशल केयर वेस्ट)। यदि कचरा निर्धारित तरीके से अलग नहीं किया गया, तो सफाईकर्मी उसे उठाने से इनकार कर देंगे।
नगर निगम ने इसके लिए विशेष तैयारी भी की है। कचरा ढोने वाले वाहनों में चार अलग-अलग रंग के बिन लगाए जा रहे हैं। साथ ही, कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए 225 नए वाहनों की खरीद की जा रही है, जिनमें 150 क्लोज टिपर और 75 ओपन टिपर शामिल हैं।
नई गाइडलाइन के तहत बड़े संस्थानों पर भी सख्ती की गई है। 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले या 20 हजार वर्ग मीटर से बड़े क्षेत्र वाले संस्थानों—जैसे होटल, अपार्टमेंट और सरकारी कार्यालय—को अपने परिसर में ही कचरे का निस्तारण करना होगा। गीले कचरे की ऑन-साइट कंपोस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।
नियमों का उल्लंघन करने पर ‘प्रदूषक भुगतान सिद्धांत’ के तहत भारी जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है, जिससे कचरे के प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।
नगर निगम का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना और शहर को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और शहर को साफ रखने में सहयोग दें।