बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग जारी, 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे नेताओं की किस्मत का फैसला

Jyoti Sinha
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बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग गुरुवार को जारी है। राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर 3 करोड़ 75 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। आज के मतदान से यह तय होगा कि एनडीए, महागठबंधन या प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में से किसे जनता का समर्थन मिलेगा।

कई दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में बंद होगी
इस चरण में कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। इंडिया गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरा तेजस्वी यादव, वहीं एनडीए की तरफ से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत कुल 16 मंत्रियों का भाग्य आज मतपेटियों में बंद हो जाएगा।
दूसरी ओर, तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव (जनशक्ति जनता दल) अपनी पूर्व पार्टी आरजेडी के उम्मीदवार मुकेश रौशन और अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों से एक बहुकोणीय मुकाबले में जूझ रहे हैं।

फर्जी वोटिंग रोकने के लिए नई व्यवस्था
इस बार चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष कदम उठाया है। हर मतदान केंद्र पर एक आंगनबाड़ी सेविका की तैनाती की गई है। इन सेविकाओं को यह जिम्मेदारी दी गई है कि अगर किसी बुर्का या घूंघट में आई महिला पर फर्जी मतदान का संदेह हो, तो वे उसकी पहचान की जांच करें।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला विशेष प्रशिक्षण
इन सेविकाओं को जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे मतदाताओं के पहचान पत्र की जांच शालीन और प्रभावी तरीके से कर सकें। यह पहल खासतौर पर उन स्थितियों से निपटने के लिए की गई है, जब चेहरा ढका होने के कारण पहचान की पुष्टि मुश्किल हो जाती है।

पहचान की जांच पर चुनाव आयोग का बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि मतदान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि “हर मतदान की अपनी प्रक्रिया होती है, और इस बार यह कदम फर्जी मतदान को रोकने के लिए उठाया गया है।”

भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने पहले ही आयोग से यह मांग की थी कि बुर्का या घूंघट में आई महिलाओं की पहचान वोटर आईडी से मिलाई जाए। आयोग ने उस सुझाव को स्वीकार करते हुए यह नियम लागू किया है।
ज्ञानेश कुमार ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति पहचान छिपाकर या फर्जी नाम से मतदान करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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