NEWS PR डेस्क: ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने के बावजूद ठग नए-नए तरीकों से लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, को निशाना बना रहे हैं और उनकी जीवनभर की कमाई ठग ली जा रही है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि कई मामलों में अपराधी खुद को बड़ा अधिकारी बताकर फोन करते हैं और लोगों से बैंक खाते, आधार, OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने को कहते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी किसी भी कॉल, SMS या लिंक पर भरोसा न करें।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि KYC या re-KYC केवल अपने बैंक की शाखा, आधिकारिक ऐप या अधिकृत माध्यम से ही कराएं। किसी भी परिस्थिति में OTP, पासवर्ड या बैंकिंग डिटेल्स साझा न करें और समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सही KYC और समय पर re-KYC से बैंक खाते को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सतर्क और जागरूक नागरिक ही डिजिटल ठगी पर रोक लगा सकते हैं, और सशक्त नागरिकों से ही मजबूत एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होता है।