NEWSPRडेस्क | एक जनवरी को शराब की आपूर्ति कराई गई थी, जिसके बाद तीन जनवरी को एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले के सामने आने के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।
समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना अंतर्गत बखरी बुजुर्ग गांव से दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां शराब के सेवन से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि उसके बेटे की दोनों आंखों की रोशनी खत्म हो गई। मृतक की पहचान वार्ड नंबर 12 निवासी 60 वर्षीय बालेश्वर साह के रूप में हुई है। परिजनों ने घटना के बाद उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। वहीं पीड़ित बेटे 36 वर्षीय बबलू कुमार साह का फिलहाल इलाज जारी है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद बीते बुधवार (07 जनवरी 2026) को एसपी अरविंद प्रताप सिंह स्वयं मृतक बालेश्वर साह के घर पहुंचे और परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली। परिजनों ने पुलिस को बताया कि नए साल के मौके पर एक जनवरी की शाम गांव के ही अरविंद कुमार साह उर्फ बंठा से चार टेट्रा पैक शराब मंगाई गई थी। इसके बाद पिता और बेटे दोनों ने शराब का सेवन किया, जिसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
हालत खराब होने पर पहले स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया गया, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो तीन जनवरी को दोनों को समस्तीपुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान बालेश्वर साह की मौत हो गई, जबकि बबलू कुमार साह की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पटना रेफर किया गया। पटना में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बबलू की दोनों आंखों की रोशनी चली गई है।
मृतक बालेश्वर साह की बहू राधा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गांव के ही शराब कारोबारी अरविंद कुमार साह उर्फ बंठा ने उन्हें जहरीली शराब बेची थी, जिसकी मियाद करीब छह महीने पहले ही समाप्त हो चुकी थी। घटना के बाद से आरोपी गांव छोड़कर फरार बताया जा रहा है।
राधा देवी की शिकायत पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय और सदर एसडीओ दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे, परिजनों से बातचीत की और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी।
सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है। चिकित्सकीय रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा तेज है कि शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब माफिया बेखौफ हैं। लोगों का कहना है कि अवैध शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है और होम डिलीवरी तक की व्यवस्था चल रही है।